
नई दिल्ली : बच्चों को मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से नेशनल अकाली दल की सोशल विंग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के माध्यम से ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ का संदेश देते हुए बच्चों को मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के बजाय मैदान में खेलने, अपनी प्रतिभा निखारने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
नेशनल अकाली दल की सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बच्चों और अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों को विभिन्न आउटडोर गेम्स की सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं। बच्चों को रेस, खो-खो, लूडो, शतरंज और पेंटिंग जैसी गतिविधियों से जोड़कर यह संदेश दिया गया कि मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के अलावा भी मनोरंजन, सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के अनेक सकारात्मक माध्यम हैं।
इस अवसर पर नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा और सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय है। बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर करने के बजाय उसका संतुलित उपयोग सिखाना और उन्हें खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश है। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के अत्यधिक इस्तेमाल से दूर रखने के लिए केवल समझाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खेलकूद और मनोरंजन के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना भी जरूरी है। जब बच्चे मैदान में दोस्तों के साथ खेलेंगे, दौड़ लगाएंगे, खो-खो में भाग लेंगे और पेंटिंग जैसी गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे, तो उन्हें मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा।
पम्मा ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग पर अत्यधिक निर्भरता से बचाकर खेलकूद, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। खेलकूद से बच्चों में शारीरिक सक्रियता, अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है, जबकि शतरंज और पेंटिंग जैसी गतिविधियां उनकी एकाग्रता, सोचने की क्षमता और कल्पनाशक्ति को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे बच्चों को समय दें और उन्हें मोबाइल के साथ-साथ वास्तविक दुनिया की गतिविधियों से जुड़ने के पर्याप्त अवसर प्रदान करें।
सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। बच्चों को खेल सामग्री, पेंटिंग का सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित करना इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें खेलकूद, कला और दूसरी गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय सचिव, विक्रांत मोहन, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, एआर बी डी (आर) रामगढि़या बोर्ड दिल्ली अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह कुंडल, सचिव अवतार सिंह भुर्जी, बलबीर सिंह नामधारी जगजीत सिंह ,सुनीता अरोड़ा रिदम चढ़ा ने भी ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने मांग की ।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उन्हें खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अभियान के माध्यम से ‘मोबाइल छोड़ो, मैदान से नाता जोड़ो’ और ‘खेलो इंडिया, स्वस्थ इंडिया’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार, समाज और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
नेशनल अकाली दल ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना, उनकी प्रतिभा को पहचानना और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। दल भविष्य में भी जनहित से जुड़े विषयों पर जागरूकता फैलाने तथा बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और रचनात्मक विकास के लिए ऐसे प्रयास जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदीप सिंह,जसबीर सिंह कालसी, हरप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह उपस्थित थे।

