
जीरकपुर (एस.पी. चोपड़ा) : पंजाब यूनिवर्सिटी (पी.यू.) चंडीगढ़ के सीनेट चुनाव-2026 के मद्देनजर, रजिस्टर्ड ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र से सीनियर उम्मीदवार और 1992 से लगातार सीनेटर रहे अशोक गोयल ने साफ कर दिया है कि सीनेट की ग्रेजुएट सीटों का लोकतांत्रिक अस्तित्व किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
पत्रकारों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सीनेट सीटों और ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र के बंटवारे के खिलाफ रची जा रही साज़िशों का विस्तार से खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सीनेट के कुल 49 चुने हुए सदस्यों में से 34 सदस्य अलग-अलग फैकल्टी, कॉलेज प्रिंसिपल, टीचर और विधायक पक्ष से आते है, जिनके कुल वोटर 3400 से भी कम है। वहीं, बाकी 15 सीटें ‘रजिस्टर्ड ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र’ से है, जिसे लाखों ग्रेजुएट वोटर चुनते है। ये 15 सीटें ही आम समाज, माता-पिता और यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को रिप्रेजेंट करती है।
उन्होंने कहा कि दशकों से कुछ पार्टियां इस चुनाव क्षेत्र को खत्म करने या इसका दायरा सिर्फ ‘पोस्ट ग्रेजुएट’ या ‘डॉक्टरेट डिग्री’ तक सीमित करने की मांग कर रही है, ताकि आम लोगों की आवाज सीनेट से बाहर हो सके। उन्होंने कहा कि जब बढ़ती आबादी के कारण संसद में सीटें बढ़ रही है, तो ग्रेजुएट की संख्या बढ़ने पर सीटें बढ़ाने के बजाय उन्हें खत्म करना या सीमित करना पूरी तरह से गलत है।
इस मौके पर मार्केट कमेटी बरवाला (पंचकूला) के चेयरमैन देस राज पोसवाल ने पी यू के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स से अपील की कि वे 20 सितंबर को अशोक गोयल को अपना पूरा समर्थन देकर उनकी जीत पक्की करें। उन्होंने कहा कि सीनेट चुनाव यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े स्टूडेंट्स, टीचर्स और ग्रेजुएट्स के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है।

