
नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसका असर सदर बाजार जैसे प्रमुख थोक बाजार पर भी पड़ रहा है। सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों और उनके कारण उत्पन्न ट्रैफिक जाम की समस्या से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और 700 से लेकर हजारों करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सदर बाजार केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर के व्यापारियों और दुकानदारों के लिए एक महत्वपूर्ण थोक व्यापार केंद्र है। यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में गिफ्ट आइटम, क्रॉकरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फैंसी आइटम, घरों और दुकानों की सजावट का सामान, बच्चों के खिलौने त्योहारों से जुड़ी वस्तुएं तथा रोजमर्रा के उपयोग की अनेक चीजें सप्लाई की जाती हैं। ऐसे में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में होने वाले धरना-प्रदर्शनों के कारण यातायात बाधित होने और जाम लगने से सदर बाजार पहुंचने वाले स्थानीय ग्राहकों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले थोक खरीदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पम्मा ने कहा कि त्योहारी सीजन व्यापारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। दीपावली और अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए व्यापारी बड़ी मात्रा में माल मंगवाते हैं, गोदामों में स्टॉक रखते हैं और बेहतर बिक्री की उम्मीद करते हैं। लेकिन जब दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनती है, ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी होती है और मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर बिक्री, माल की आपूर्ति और व्यापारियों के कारोबार पर पड़ता है।
पम्मा ने कहा कि सदर बाजार में छोटे दुकानदारों व्यापारियों, दूसरे शहरों से आने वाले थोक खरीदारों और आम उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है। लगातार यातायात बाधित होने के कारण कई ग्राहक बाजार आने से बचते हैं या खरीदारी के लिए दूसरे विकल्प तलाशने लगते हैं। इसका नुकसान केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि माल ढुलाई करने वालों, मजदूरों, पैकिंग कर्मचारियों और छोटे कारोबारियों की आजीविका पर भी असर पड़ता है।
परमजीत सिंह पम्मा ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों के लिए ऐसी उचित व्यवस्था बनाई जाए, जिससे लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार भी मिले और व्यापारिक गतिविधियां भी बाधित न हों। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान प्रमुख बाजारों तक आने-जाने के रास्ते सुचारु रखने, ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने और मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

