
जीरकपुर : नगला क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से सड़कों पर बह रहे सीवरेज और जगह-जगह जमा गंदे पानी को लेकर भाजपा के हलका डेराबस्सी इंचार्ज संजीव खन्ना ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है और लोगों को बदबू व गंदगी के बीच से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
खन्ना ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर की सीवरेज व्यवस्था की देखरेख के लिए जैनटेक कंपनी को हर महीने करीब 40 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है तो फिर सीवरेज सड़कों पर क्यों बह रहा है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं तो इतनी बड़ी राशि किस काम के लिए अदा की जा रही है, यह जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टैक्स के रूप में जनता द्वारा दिया गया पैसा किसी की निजी जागीर नहीं है और उसके हर रुपये की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सीवरेज की सफाई और रखरखाव से संबंधित टेंडर दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। खन्ना ने कहा कि शहरवासियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि टेंडर में कंपनी के लिए क्या शर्तें तय की गई हैं, कितनी मशीनरी और कितना स्टाफ तैनात करना जरूरी है तथा कौन-कौन से काम कंपनी की जिम्मेदारी में आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मौके पर किए जा रहे काम की जांच और सत्यापन किस स्तर पर किया जा रहा है और बिलों के भुगतान से पहले काम की नियमित जांच होती है या नहीं।
खन्ना ने कहा कि यदि सड़कों पर सीवरेज बहने के बावजूद कंपनी के बिल लगातार बन रहे हैं तो पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के लोग मौजूदा व्यवस्थाओं से परेशान हो चुके हैं और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर उनमें भारी नाराजगी है। सीवरेज जैसी मूल समस्या यदि एक महीने तक हल न हो तो प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि नगला क्षेत्र की स्थिति को लेकर पहले भी मामला उठाया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा सुधार दिखाई नहीं दे रहा। इससे पहले पूर्व विधायक एन.के. शर्मा ने भी जीरकपुर में सीवरेज और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। खन्ना ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होना और प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट न किया जाना लोगों की चिंता को और बढ़ा रहा है।
खन्ना ने मांग की कि जैनटेक कंपनी को किए गए भुगतान, टेंडर की शर्तें, तैनात मशीनरी, कर्मचारियों की संख्या, प्राप्त शिकायतें और उन पर की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और यदि व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई गई तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब यह मामला केवल सड़कों पर बहते गंदे पानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य, सरकारी धन की जवाबदेही और सीवरेज प्रबंधन में पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा सार्वजनिक मुद्दा बन चुका है। नगला की सड़कों पर बहता सीवरेज अब केवल गंदगी का मामला नहीं, बल्कि नगर व्यवस्था की जवाबदेही पर खड़ा एक सीधा सवाल बन गया है।
