
जीरकपुर (एस.पी. चोपड़ा) : भारतीय जनता पार्टी के डेराबस्सी हलका इंचार्ज एवं पंजाब भाजपा के प्रोटोकॉल विभाग के राज्य सचिव संजीव खन्ना ने डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू की गंभीर जनसमस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के राज्यपाल को मांगपत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर कांटीवाल भी उनके साथ मौजूद रहे।
मांगपत्र में कहा गया है कि हलके में तेजी से बढ़ती आबादी, आवासीय कॉलोनियों, व्यावसायिक गतिविधियों और औद्योगिक विस्तार के मुकाबले बुनियादी ढांचे एवं नागरिक सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। इसके कारण जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू के लोग पिछले कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं।
खन्ना ने जीरकपुर में आबादी के अनुपात में पुलिस बल की कमी, चोरी और छीना-झपटी की बढ़ती वारदातें, भीषण ट्रैफिक जाम, बेतरतीब पार्किंग, बरसात के दौरान जलभराव, गिरता भूजल स्तर, सरकारी अस्पताल की कमी, बच्चों और युवाओं के लिए खेल स्टेडियम का अभाव तथा अनियोजित निर्माण को प्रमुख समस्याओं के रूप में उठाया है।
इसी तरह डेराबस्सी में घग्गर नदी, सुखना चो और अन्य बरसाती नालों से बाढ़ के खतरे, पेयजल की समस्या, गिरते भूजल स्तर, प्रॉपर्टी पंजीकरण, एनओसी और अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़े मामलों के स्थायी समाधान की मांग की गई है। लालड़ू में औद्योगिक प्रदूषण, भारी वाहनों की आवाजाही, खस्ताहाल संपर्क सड़कें, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और बुनियादी नागरिक सुविधाओं की कमी को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।
मांगपत्र में जीरकपुर के लिए अलग ट्रैफिक एवं पार्किंग मास्टर प्लान तैयार करने, जीरकपुर, ढकोली और पीर मुछल्ला के लिए वैज्ञानिक स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने, डेराबस्सी में बाढ़ रोकथाम के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने तथा नहरी पेयजल उपलब्ध करवाने की संभावनाओं का अध्ययन करने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा जीरकपुर में आधुनिक सरकारी अस्पताल और बहुउद्देश्यीय खेल परिसर स्थापित करने, लालड़ू में सड़क एवं ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण करने, प्रमुख सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट करवाकर ब्लैक स्पॉट दूर करने तथा अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई गई है।
खन्ना ने भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्भरण के लिए पूरे हलके की दीर्घकालिक योजना तैयार करने के साथ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा विकास कार्यों की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि ये मुद्दे केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हलके के लाखों लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मानजनक जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अभी से विभागवार जिम्मेदारी, बजट और समयसीमा तय कर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो तेजी से बढ़ता शहरीकरण इन समस्याओं को आने वाले समय में और अधिक गंभीर बना देगा।
