
चंडीगढ़ : जिंदल आईवीएफ, जो उत्तर भारत में प्रजनन और फर्टिलिटी केयर का एक जाना-पहचाना नाम है, ने आज चंडीगढ़ में प्रेस मीट की। इसमें जिंदल आईवीएफ ने बताया कि वे किस तरह आधुनिक तकनीक और मरीजों के लिए दयालु व नैतिक उपचार व सही तरीके से इलाज को मिलाकर बेहतर नतीजे देते हैं।
यह बातचीत डॉ. उमेश जिंदल, जो 30 साल से ज्यादा अनुभव वाले आईवीएफ विशेषज्ञ हैं, और डॉ. शीतल जिंदल, सीनियर आईवीएफ-पीजीटी विशेषज्ञ, ने मिलकर की। उनके साथ एम्ब्रायोलॉजी और काउंसलिंग टीम के मुख्य सदस्य भी मौजूद थे। इस सत्र में क्लिनिक की नई तकनीकों और मुश्किल मामलों में लगातार मिल रही सफलता पर चर्चा हुई।
टीम ने बताया कि टाइम-लैप्स इनक्यूबेटर और ब्लास्टोसिस्ट कल्चर जैसी तकनीकें भ्रूण चुनने की प्रक्रिया को आसान और बेहतर बना रही हैं। इनसे गर्भधारण की सफलता दर बढ़ रही है, खासकर उन मरीजों में जिनके पिछले आईवीएफ प्रयास सफल नहीं रहे।
इसके अलावा, जिंदल आईवीएफ में प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग (पीजीटी-ए, पीजीटी- एचएलए) का इस्तेमाल कई दंपतियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। इसकी मदद से बार-बार गर्भपात की समस्या से बचाव हुआ है और जिन मामलों में पहले से आनुवंशिक बीमारियाँ मौजूद थीं, उनमें भी स्वस्थ बच्चों का जन्म संभव हुआ है।
डॉ. शीतल जिंदल ने कहा कि टेक्नोलॉजी की वजह से अब हम हर मरीज को उसकी ज़रूरत के अनुसार बेहद सुरक्षित, असरदार और पारदर्शी इलाज दे सकते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को ऐसा इलाज मिले, जो विज्ञान पर आधारित हो और उसकी भावनाओं व स्वास्थ्य की ज़रूरतों के साथ मेल खाए।
चर्चा में यह भी बताया गया कि क्लिनिक खास परिस्थितियों जैसे कम अंडाशय रिज़र्व, स्पर्म न बनने या निकलने की समस्या (ऑब्स्ट्रक्टिव एजूस्पर्मिया) और कैंसर के मरीजों की प्रजनन क्षमता (ऑनकोफर्टिलिटी) को भी सफलतापूर्वक संभालता है। इसके लिए विशेष दवाइयों के प्रोटोकॉल और आधुनिक स्पर्म रिट्रीवल तकनीकें अपनाई जाती हैं।
अपने क्लीनिकल माइलस्टोन के अलावा, जिंदल आईवीएफ अब शिक्षा और शोध में भी अपनी विशेषज्ञता को आगे बढ़ा रहा है ताकि प्रजनन देखभाल का भविष्य और मजबूत हो सके।
जिंदल आईवीएफ पारदर्शी संवाद, गहन काउंसलिंग और अत्यंत कुशल एम्ब्रियोलॉजी टीम पर गर्व करता है, जिससे यह नैतिक और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल चाहने वाले दंपतियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनता है। 15,000 से अधिक आईवीएफ साइकिल, 12,000+ स्वस्थ डिलीवरी और थैलेसीमिया के लिए पीजीटी-एचएलए में ऐतिहासिक परिणामों के साथ, जिंदल आईवीएफ भारत के प्रजनन क्षेत्र में लगातार नए क्लीनिकल मानक स्थापित कर रहा है।
