
एस.पी. चोपड़ा : जीरकपुर–परवाणु ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को जीरकपुर के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी असर वाली योजना बताते हुए कहा है कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में शहर की तस्वीर, तकदीर और रफ्तार दोनों बदल देगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नीति के चलते ही जीरकपुर जैसे शहर को ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलने जा रही है।
संजीव खन्ना ने कहा कि जीरकपुर पिछले कई वर्षों से उत्तर भारत का एक बड़ा ट्रैफिक बॉटलनेक बना हुआ है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को जोड़ने वाला यह प्रमुख जंक्शन रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव झेलता है। खासकर दिल्ली और पंजाब से शिमला जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे आम लोगों का समय और संसाधन दोनों बर्बाद होते हैं। जीरकपुर–परवाणु ग्रीन कॉरिडोर के बनने से यह दबाव शहर के भीतर से हटेगा और ट्रैफिक सुचारु होगा।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 1900 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। प्रोजेक्ट की टेक्निकल बिड प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे लगभग तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे साफ है कि यह परियोजना अब केवल योजना नहीं रही, बल्कि धरातल पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
संजीव खन्ना ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए बीते कई वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ग्रीन कॉरिडोर को लेकर वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से निरंतर पत्राचार के माध्यम से संपर्क में रहे हैं और लगातार इस परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम पूरा होने के बाद परिणाम देने में विश्वास रखते हैं, इसी कारण अब जब प्रोजेक्ट ठोस चरण में पहुंच चुका है, तब इसकी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस ग्रीन कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार है। जीरकपुर के छत गांव से मेकडी टी-पॉइंट तक सड़क मौजूद है। आगे यह सड़क नगला सनोली और पीरमुच्छला के बाहरी क्षेत्र से निकलते हुए चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पार जाकर जुड़ेगी। इसके पूरा होने से जीरकपुर के अंदरूनी हिस्सों से गुजरने वाला भारी ट्रैफिक बाहर की ओर डायवर्ट हो जाएगा और शहर को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
संजीव खन्ना ने कहा कि यह परियोजना केवल ट्रैफिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। जीरकपुर–परवाणु ग्रीन कॉरिडोर के बनने से प्रॉपर्टी के रेट में बढ़ोतरी होना तय है। इस प्रोजेक्ट के आसपास पड़ने वाली जमीनों और रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों का महत्व बढ़ेगा, जिससे प्रॉपर्टी कारोबार को नई मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़क और तेज कनेक्टिविटी के कारण नए निवेश आएंगे और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा लाभ होगा।उन्होंने आगे कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने से व्यापार और उद्योग को भी सीधा फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक लागत घटेगी, माल की आवाजाही आसान होगी और कारोबारियों को समय पर डिलीवरी की सुविधा मिलेगी।
इससे जीरकपुर एक मजबूत ट्रांजिट और बिजनेस हब के रूप में उभरेगा, जिसका लाभ पूरे क्षेत्र को मिलेगा। संजीव खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी के नेतृत्व में देशभर में जिस स्तर पर सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है, उसका सीधा लाभ जीरकपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों को मिल रहा है। जीरकपुर–परवाणु ग्रीन कॉरिडोर आने वाले समय में न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि विकास, व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा कर पूरे क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
